Skip to main content

Posts

Showing posts from May, 2021

UGC NET JRf Yoga Previous papers MCQ in Hindi

UGC NET JRf Yoga Previous papers MCQ in Hindi with Answers (Set-12) नोट :- इस प्रश्नपत्र में (25) बहुसंकल्पीय प्रश्न है। प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक है। सभी प्रश्न अनिवार्य ।   1. अरेखित पेशियाँ पाई जाती हैं : (a) हृदय के अतिरिक्त सभी अनैच्छिक आंगों में (b) आँतों और यकृत में (c) हृदय में   (d) हाथ एवं पैर में कूट के अनुसार सही संयोजन चुनें : (1) (a) और (b) सही हैं।  (2) (a) और (c) सही हैं। (3) (b) और (d) सही हैं।  (4) (b) और (c) सही हैं। 2. सूची- i को सूची- ii के साथ सुमेलित करें और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुए सही विकल्प चुनें :         सूची- i                 सूची- ii     (मस्तिष्क तरंग)       (अवस्था)       (a) अल्फा           (i) उच्चतम चेतना (b) बीटा             (ii)  उत्तेजित (c) थीटा             (iii) विश्रांत (d) डेल्टा            (iv) ध्यानमग्न कूट:        (a)    (b)    (c)    (d) (1)  (iii)  (ii)    (iv)    (i) (2)  (ii)   (iii)   (i)    (iv) (3)  (iv)   (i)    (ii)   (iii) (4)  (iv)   (iii)   (i)    (ii) 3. सूची- i को सूची- ii के साथ सुमेलित करें

UGC NET Yoga previous MCQ in Hindi

UGC NET Yoga previous Paper MCQ अभिकथन और तर्क के Question-Answers नोट :- इस प्रश्नपत्र में (25) बहुसंकल्पीय प्रश्न है। प्रत्येक प्रश्न के दो (2) अंक है। सभी प्रश्न अनिवार्य ।   1. नीचे दिये गये दो कथनों  में से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गई है । नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए अभिकथन (A) : यौगिक विधियाँ अपनाकर रोगों का प्रबंधन योग चिकित्सा कहलाता है। तर्क (R) : योग चिकित्सा निवारात्मक, उपचारात्मक और पुनर्वासात्मक है। उपरोक्त दो कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा सही है? (1) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है। (2) (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है। (3) (A) सही है, लेकिन (R) गलत है। (4) (A) गलत है, लेकिन (R) सही है। 2. नीचे दिये गये दो कथनों  में से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) की संज्ञा दी गई है। नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए अभिकथन (A) : ताड़ासन से बच्चों की लंबाई बढ़ती है। तर्क (R) : ताड़ासन से पेशियों, अस्थिबंध और पूरे मेरूदण्ड में खिं